मॉडल बनी भिखारन.. दर्शक की चिट्ठी
September 3, 2007 at 7:53 pm | In कटाक्ष | 20 Commentsफुल्ली फालतू चैनल के पोस्ट बॉक्स में आई एक चिट्ठी मेरे हाथ लग गई। चिट्ठी एक दर्शक की है.. जिसे यहां जस का तस छापा जा रहा है।

संपादक,
फुल्लीफालतू न्यूज़ चैनल
आडियोकॉन टॉवर.
डंडेवालान, नई दिल्ली
महोदय,
आपके चैनल पर प्रसारित मॉडल गीतांजली की ख़बर देखकर मै द्रवित हुआ जा रहा हूं। यह बालिका कभी मशहूर मॉडल सुष्मिता सेन की सखी हुआ करती थी। पता नहीं सुष्मिता आगे क्यों बढ़ गई और ये क्यों पीछे रह गई। यह सवाल ऐसा है जिसका जवाब ढूंढना राष्ट्रीय महत्व का विषय है। यह जानकर संतोष हुआ कि आप चौथे स्तंभ की भूमिका का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं। आपके चैनल से पता चला कि यह मॉडल इन दिनों सड़कों पर भीख मांग रही है और इस ख़बर को कवर करने के महायज्ञ में जुटे पत्रकार और कैमरामैनों ने अपने अथक परिश्रम से हम तक यह खबर पहुंचाई, इसके लिए मेरा सहृदय धन्यवाद स्वीकार करें।
महानुभाव, गीतांजली इन दिनों जिस ग़रीबी में अपना जीवन जी रही है, उसे देखकर मेरा मन व्याकुल हुआ जा रहा है। वो मॉडलिंग किया करती थी। आपकी एंकर ने बताया कि पहले वो रैंप पर चला करती थी और अब फुटपाथ पर चला करती है। सच है, फुटपाथ पर चलना अब शर्म की बात है और मैं शर्म से पानी-पानी हो गया हूं क्योंकि मेरे देश की आधुनिक पढ़ी-लिखी नारी का ये हाल है। नशे और अय्याशी में डूबी ज़िंदगी अर्श से फर्श पर आ जाए तो यह समाज के लिए चिंता का विषय है। फुटपाथ पर रहने वाले और भूख से मरने वाले बच्चों और गर्म ग़ोश्त का सामान बन चुकी बच्चियों की खबरें चिंता का विषय क़तई नहीं हो सकती। गीतांजली वहां पहुंचे पराक्रमी पत्रकारों को अंग्रेज़ी में फटकार लगा रही थी। मुझे अंग्रेज़ी समझ तो नहीं आती किंतु चेहरे के भावों को पढ़कर ऐसा लगा मानो कि वह कह रही हो कि, ‘लानत है आप जैसे लोगों पर, देश में महिलाओं की कोई कद्र नहीं है। स्टॉप इट.. यू फूल.. मेरी ज़माने को परवाह नहीं।’ इतने पर भी आपके बहादुर खबरनवीसों ने हार नहीं मानी और खबर को कवर करने का सामाजिक उत्तरदायित्व निभाते रहे।
मुझे याद आता है कि आमिर ख़ान की शादी की खबर कवर करने के लिए आपके कैमरामैनों ने भारी लताड़ सुनने के बाद भी हम तक तस्वीरें पहुंचाई थी। ऐश-अभि के विवाह पर आप लोग बिग बी के घर के बाहर दिन-रात भूखे-प्यासे रहकर भी डटे रहे। आप लोगों ने हाल ही में सलमान के घर के पिछवाड़े तक में छलांग लगाकर हम तक उनकी सलामती का समाचार दिखाया था। सुरक्षाकर्मियों की दुत्कार झेलकर भी आपने हम तक मिनट-मिनट की खबर पहुंचाकर पत्रकारिता का धर्म साहस के साथ निभाया। मैं यह देखकर निश्चिंत हुआ था कि जिस देश में पेड़ पर लटकर खबर शूट करने वाले जुगाड़ू पत्रकार हों, उस देश का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। उस देश में कोई परदे में नहीं रह सकता। सारे परदे हटा देना ही मीडिया का उद्देश्य होना चाहिए। चाहे कहीं से भी किसी के भी हटाने पड़ जाएं। कोई संकोच नहीं होना चाहिए। आपकी इसी खुलेपन की नीति का मैं समर्थक हो चुका हूं। मैंने ”जागरुक नहीं जुगाडू” का नारा अपना लिया है।
मैं सलाम करता हूं उन कैमरामैनों को जो सही एंगल के चक्कर में अपनी ही बिरादरी के लोगों की मां-बहनों को बार-बार याद करते हैं। स्टैंड लगाने के लिए होने वाला संघर्ष मुझे स्वाधीनता संघर्ष से भी ज़्यादा महत्व का विषय लगता है।
हे मूर्धन्य, गीतांजली की बदहाली की ख़बर दिल को ठेस पहुंचाती है। यदि पढ़ी-लिखी महिला का ये हाल है तो अनपढ़ी का क्या होता होगा? देश की आधी आबादी की चौथाई के साथ ऐसा हो सकता है तो तीन-चौथाई की फिक्र कौन करेगा। सही है, आपको पहले एक-चौथाई में आने वाली ऐसी प्रतिभाशाली महिलाओं की सुध लेनी चाहिए। बाक़ी के बारे में सरकार ने महिला आयोग बिठाया हुआ है। आपके चैनल से यह जानकर संतोष हुआ कि गीतांजली इन दिनों नशे का सहारा ले रही है। मेरा राष्ट्रीय महिला आयोग से भी अनुरोध है कि वह गीतांजली को तमाम सुविधाएं मुहैया कराए। प्रसन्नता इस बात की है कि आपकी ख़बर का असर तुरंत देखने मिला है। चैनल से ही ज्ञात हुआ कि अमेरिका के एक अप्रवासी भारतीय डॉक्टर ने गीतांजली को मदद का आश्वासन दिया है। ऐसी सूचना मिलने के बाद पेप्सी पी रही गीतांजली कार में बैठकर घर के लिए रवाना हो गयी। बाद में रैंप की अन्य मशहूर मॉडलों ने भी इस मामले में अपनी चिंता जताई जिसे देखकर मुझे संतोष हुआ जा रहा है कि मैं संवेदनशील समाज में जी रहा हूं। मैं इस मशहूर मॉडल को नहीं जानता था- यह मेरी अल्पज्ञता है। अब जान गया हूं, मेरा अनुरोध है कि गीतांजली से ‘सीधी बात’ की जाए। एक अनुरोध और.. इस बार भी हमेशा की तरह ‘सीधी बात’ दिखाते हुए टिकर हटा दिया जाए।
-दर्शक
जय संजू बाबा (आरती)
September 3, 2007 at 4:21 pm | In कटाक्ष | 15 Commentsजय संजू बाबा, छप्पन, जै संजू बाबा
टीआरपी के दाता, भाइयन के भ्राता

बंबई में तुम ब्लास्ट कराए
कीट-मकोड़े मार भगाए
एके छप्पन के तुम दाता
पास कोई फटक ना पाता
जय संजू बाबा, टैरर, जै संजू बाबा…
आर्थर रोड तुम्हारो डेरा
भाई सारे करें वहीं फेरा
यरवदा में जब तुम धाए
जेल चकाचक रौनक लाए
जय संजू बाबा, छप्पन, जै संजू बाबा…
तुम्हरी छवि सिब्बलवा भाई
कॉग्रेस पार्टी बिछ-बिछ जाई
बहिन तुम्हारी संसद धाए
सोनिया गांधी को पाठ पढ़ाए
जय संजू बाबा, टैरर, जै संजू बाबा…
सकल टीआरपी तुमरे कारन
छूटे पीछे नाग अरु रावन
मीडिया तुमरे चरण को दासा
भाई लोग रहे नित पासा
जय संजू बाबा, छप्पन, जै संजू बाबा…
कोडासुर को सबक सिखाए
टाडा के सब चार्ज हटाए
आर्म्स एक्ट तुम्हारी माया
बढ़े चलो नरगिस के जाया
जय संजू बाबा, टैरर, जै संजू बाबा…
सत्य-अहिंसा मार भगाए
गांधी का नव-वर्ज़न लाए
टेरर को तुम दिए नव फेसा
रहे टापते पुलिस और केसा
जय संजू बाबा, छप्पन, जै संजू बाबा…
पवित्र भई यरवदा सारी
तर गए जेलासीन नर नारी
तेलगी और अबू सलेमा
तुम्हरे बल सब पाए नेमा
जय संजू बाबा, टैरर, जै संजू बाबा…
प्रात जो लेले नाम तुम्हारा
टीआरपी पाए दिन सारा
नेतागर्दी तुम्हीं करावो
वोटों के दाता
जय संजू बाबा, टैरर, जै संजू बाबा…
पाकिस्तान में बजे दुदुंभी
हिन्दुस्तान बने जलकुंभी
तुमसा नहीं एक्टर कोई दूजा
का करि सके करेक्टर लूजा
जय संजू बाबा, छप्पन, जै संजू बाबा…
अउर किरपा कछु कीजै बाबा
बंबई तो भई बीती बाता
सहस वक़ीलन की तुम माया
दाऊद के खासा
जय संजू बाबा, छप्पन, जै संजू बाबा…
रचयिता- ज्ञानेंद्रनाथ, सीनियर कॉपी एडीटर, इंडिया टीवी.
अवश्य पढ़े – संजूबाबा चरितलीला
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