कीबोर्ड का सिपाही

अनुराग बने रिपोर्टर

Posted in चिट्ठाजगत by neerajdiwan on April 17, 2007

वर्जिनिया टेक में दर्ज़नों की मौत की ख़बर मिलते ही मुझे अपने ब्लॉगर साथी अनुराग मिश्रा जी याद आई. अनुराग जी से संपर्क साधा और रात प्रसारित होने वाले न्यूज़ बुलेटिन में उन्होंने हमें ताज़ा हाल और पूरी घटना से अवगत कराया. वर्जिनिया टेक से जुड़े वे पहले शख्स थे जो सबसे पहले किसी भारतीय चैनल पर अपनी बात कह रहे थे.
यह किसी तरह की उपलब्धि तो नहीं किंतु यह पत्रकार की नियति है कि हर मौक़े पर, हर दशा में उसे ख़बर कवर करनी ही होती है. अनुराग जी ने ब्रेकिंग न्यूज़ के एंकर और इंडिया टीवी के एडिटर इन चीफ़ रजत जी से बातचीत के दौरान बताया कि किस तरह हमलावर आया और संस्थान के किस इलाक़े में अंधाधुंध फ़ायरिंग की. कितने लोग अपनी जान गवां बैठे और भारतीयो में इस घटना को लेकर कितनी चिंता है. इसके अलावा भी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी उन्होंने हमें दी. बाद में आपसी बातचीत के बीच उन्होंने कई अन्य जानकारी दी. इस तरह एक ब्लॉगर ने रिपोर्टर की संक्षिप्त भूमिका निभायी. हमले की यह घटना अत्यंत दुखद है. सोमवार का दिन दो दुखद घटनाओं के बीच बीता.

12 Responses

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  1. आलोक वाणी said, on April 20, 2007 at 10:54 pm

    क्‍या बात है, जब ये खबर आई मैं तो इंडिया टवी ही देख रहा था लेकिन तभी मैं किसी और चैनल पर अटक गया था लेकिन बधाई हो नीरज भाई, भगवान करे अगली बार अनुराग को आप कोई अच्‍छी खबर देने के लिए याद करें।

  2. Ramashankar Sharma said, on April 18, 2007 at 12:02 pm

    एक पत्रकार को पत्रकार की खोज के लिये बधाई

  3. [...] पर देखें। हमारे ब्लॉगर भाइयों ने भी इसका कवरेज किया है। इस कांड मे मृतक लोगों की याद [...]

  4. PRAMENDRA PRATAP SINGH said, on April 18, 2007 at 7:56 am

    एक दुःखद घटना, भगवान मृतात्‍मा को शन्ति प्रदान करे।

  5. ghughutibasuti said, on April 17, 2007 at 11:25 pm

    आशा है अगली बार जब अनुराग जी को बुलाएँगे तो किसी अच्छी खबर के लिए ।
    घुघूती बासूती

  6. प्रियंकर said, on April 17, 2007 at 6:57 pm

    सही है!
    गुसाईं जी ने आपत्ति काल में ‘परखिए चारी’ की बात कही है. देखिए ब्लॉगर साथी आपके काम आ गये आपत्ति काल में .

  7. शशि सिंह said, on April 17, 2007 at 6:50 pm

    इस दु:खद घटना का बेहद अफसोस हैं। लेकिन साथ ही आपकी सजगता की तारीफ करना का भी जी कर रहा है जिसने सही जानकारी जनता तक पहुंचाने में अपने एक ब्लॉगर साथी का बेहतर उपयोग किया।

  8. पंकज बेंगाणी said, on April 17, 2007 at 6:45 pm

    बधाई

  9. जगदीश भाटिया said, on April 17, 2007 at 5:27 pm

    पूर्व सूचना होने के बावजूद मैं इसे नहीं देख पाया इसका अफसोस है।
    अच्छा प्रयास। एक पत्रकार समाचार का जुगाड़ करने के लिये हर संभव तरीका अपनाता है। आपने सच्चे पत्रकार का धर्म निभाया।

  10. समीर लाल said, on April 17, 2007 at 5:12 pm

    इस दुखद घटना की खबर को आमजन तक पहुँचाने के लिये अनुराग और नीरज जी का साधूवाद.

  11. नीरज दीवान said, on April 17, 2007 at 5:08 pm

    @ जीतू भाई. यह ख़बर एक दुखद घटना से जुड़ी थी. भारतीयों में इसे लेकर चिंता थी जिनके रिश्तेदार या परिचित उस संस्थान में पढ़ते हैं. सिटीजन रिपोर्टर को किसी तरह की तनख्वाह का भुगतान नहीं किया जाता. व्यक्तिगत तौर पर मैं अनुराग जी को शुक्रिया अदा कर चुका हूं. जनता तक ख़बर पहुंचाने में जनता का ही योगदान ज़रूरी है. यह अनुराग जी की सजगता और मुखरता का परिचायक है कि उन्होंने जनपत्रकार की भूमिका का निर्वहन किया. हम ब्लॉगर भी तो एक तरह पत्रकार ही हैं जो सूचना देते फिरते हैं.

  12. Jitu said, on April 17, 2007 at 4:58 pm

    चलो अच्छा है, अब ब्लॉगर ब्रेकिंग न्यूज देने लगे है। अच्छा है, लगे रहो अनुराग भाई।

    नीरज भाई, अनुराग को इन्डिया टीवी से कुछ दिलवाओ भाई। ज्यादा नही तो इन्डिया आने जाने की टिकट ही दिलवा दो कम से कम।


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